हे गोरी!
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तो से कहें हम आके हे गोरी,
जिंदगी में ला द बहार गोरी।-२
अपनी जिनिगिया में हमके बुला ल।
अपने ही गोदिया में हमके सुला ल।
आइल बुढापा, बीती जवानी-२
सहनी हम दुखवा हज़ार गोरी। हे गोरी. .
जीवन के हमरा तू लिलसा पुरा द।
औरि करेजा के हमके जुरा द।
खोलअ केवाड़ी अइले पुजारी -२
दे द तू हमके दीदार गोरी। हे गोरी. .
तोहरे ही गोदिया के तकिया बनाके।
अपने करेजवा से तोके सटाके।
देखव सपनवा खोली नयनवा-२
भर ल तू मोहे अँकवार गोरी। हे गोरी. .
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