मेहरबानी आपकी
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आप आए ज़िंदगी में,
ये कहानी आपकी।
बस गए सबके दिलों में,
मेहरबानी आपकी।
उम्र काटी है तेरे संग,
याद रखना ऐ गीते!
ना रही दुसवारियां जब,
साथ जो तुम हो गीते!
ग़र ख़ता हो जाए मुझसे,
माफ़ करना ऐ सखे!
ग़र कहीं नज़रें उठाऊं,
तेरी ही सूरत दिखे।
'दीप' यह जलता रहे अब,
इस ज़माने में सतत।
कट गई है ज़िंदगानी,
'नेह' पाने में मेरी।
ओ! मेरी हमराह, 'गीते',
साथ देना उम्रभर।
सारी फर्जों को निभाकर,
बन सकूं गीतापते!
सारी फर्जों को निभाकर,
बन सकूं गीतापते!
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सस्नेह💐
डॉ. राजा राम यादव
25.01.2019
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