मंगलमय हो यह नववर्ष !
डॉ. राजा राम यादव
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गणना की दृष्टि से,
आसान होता है, रोमन वर्ष।
सरल है, एक से बीस तक,
रोमन में लिखना।
करोड़ों लोगों की,
भावनाएं जुड़ी हैं इससे।
इनकार नहीं है इसकी,
उपादेयता और इससे।
लेकिन बड़ी-बड़ी संख्या,
लाख-करोड़-अरब,
रोमन में लिखने में,
पसीने छूट जाते हैं।
इन्हें भारतीय अंकन में
सहजता से प्रकट कर पाते हैं।
नववर्ष उसे कहते हैं,
जब कुछ नया दिखे।
हाड़ गला देने वाली,
कड़ाके की ठंढ,
कल भी थी, आज भी है।
ठंढ का प्रहार नहीं बदला है।
जीवन-व्यवहार नहीं बदला है,
प्रकृति का श्रृंगार नहीं बदला है।
कारोबार नहीं बदला है।
असली नववर्ष तब होगा,
जब आप, मोटे ऊनी-वस्त्र उतारकर,
हल्के सूती-वस्त्र धारण करेंगे।
पादप-समूह नए पत्र धारण करेंगे।
प्रकृति नया श्रृंगार करेगी।
चारों ओर परिवर्तन नज़र आएगा।
फसलें घर आएंगी।
किसानों के घर खुशियां लाएंगी।
चैत्र का महीना होगा।
मार्च-अप्रैल, बजट का करीना होगा।
सभी प्रान्त मग्न होंगे।
बीहू-बैसाखी, लोहड़ी-संक्रांति के जश्न होंगे।
सबके घर खुशियां होगी।
वही होगा असली नववर्ष।
समस्त भारत के लिए।
सभी भारतीयों के लिए।
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नववर्ष मंगलमय हो!
जय हिंद!
01.01.2019
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